उपनिषद्

उपनिषद् हिन्दू धर्म के महत्त्वपूर्ण श्रुति धर्मग्रन्थ हैं। ये वैदिक वाङ्मय के अभिन्न भाग हैं। ये संस्कृत में लिखे गये हैं। इनकी संख्या लगभग 108 है, किन्तु मुख्य उपनिषद 13 हैं। हर एक उपनिषद किसी न किसी वेद से जुड़ा हुआ है। इनमें परमेश्वर, परमात्मा-ब्रह्म और आत्मा के स्वभाव और सम्बन्ध का बहुत ही दार्शनिक और ज्ञानपूर्वक वर्णन दिया गया है।
स्मृति
स्मृति हिन्दू धर्म के उन धर्मग्रन्थों का समूह है जिनकी मान्यता श्रुति से नीची श्रेणी की हैं और जो
अथीना
अथीना प्राचीन यूनानी धर्म के प्रमुख देवियों में से एक थीं। वो बुद्धि, हुनर और युद्ध की देवी थीं। वो
आरण्यक
आरण्यक हिन्दू धर्म के पवित्रतम और सर्वोच्च ग्रन्थ वेदों का गद्य वाला खण्ड है। ये वैदिक वाङ्मय का
अहंवाद
अहंवाद (सॉलिप्सिज्म) उस दार्शनिक सिद्धांत को कहते है जिसके अनुसार केवल ज्ञाता एवं उसकी मनोदशाओं
बानूछापर
बानूछापर बिहार राज्य के पश्चिमी चम्पारण जिले के बेतिया प्रखण्ड का एक पंचायत है। यह बेतिया जिला मुख्यालय
त्रिपुरतापिनी उपनिषद्
त्रिपुरतापिनी उपनिषद् अथर्ववेदीय शाखा के अन्तर्गत एक गौण उपनिषद है। यह ८ शाक्त उपनिषदों में से
अक्षमालिकोपनिषद
अक्षमालिका उपनिषद ॠग्वेदीय शाखा के अन्तर्गत एक उपनिषद है। इसमें प्रजापति ब्रह्मा और कुमार कार्तिकेय
आक्सिम
ऐलडिहाइडों तथा कीटोनों पर हाइड्रॉक्सिल-ऐमिन की क्रिया से जो यौगिक प्राप्त होते हैं उन्हें आक्सिम
बार्बिट्यूरिक अम्ल
बार्बिट्यूरिक अम्ल एक कार्बनिक यौगिक है। यह जल में विलेय गंधहीन चूर्ण (पाउडर) है। यह अम्ल बार्बिट्युरेट
आनन्द दिघे
आनन्द दिघे, शिव सेना के ठाणे जिले के एक वरिष्ट नेता थे