काव्य

काव्य, कविता या पद्य, साहित्य की वह विधा है जिसमें किसी कहानी या मनोभाव को कलात्मक रूप से किसी भाषा के द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है। भारत में कविता का इतिहास और कविता का दर्शन बहुत पुराना है। इसका प्रारंभ भरतमुनि से समझा जा सकता है। कविता का शाब्दिक अर्थ है काव्यात्मक रचना या कवि की कृति, जो छन्दों की शृंखलाओं में विधिवत बांधी जाती है।
उदयशंकर भट्ट
उदयशंकर भट्ट हिंदी के विद्वान सुप्रसिद्ध लेखक व कवि थे
गुजराती साहित्य
गुजराती भाषा आधुनिक भारतीय आर्य भाषाओं में से एक है और इसका विकास शौरसेनी प्राकृत के परवर्ती रूप
मानचित्रावली
मानचित्रों के संग्रह को मानचित्रावली या एटलस (Atlas) कहते हैं। मानचित्रावली में विश्व की भौगोलिक और
परिक्रमा
भारतीय धर्मों में पवित्र स्थलों के चारो ओर श्रद्धाभाव से चलना 'परिक्रमा' या 'प्रदक्षिणा' कहलाता
वत्स
वत्स या वंश या बत्स या बंश प्राचीन भारत के 16 महाजनपदों में से एक था। यह आधुनिक इलाहाबाद केन्द्रित
मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद
मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में स्थित भारत का प्रमुख राष्ट्रीय
दूतकाव्य
यह लेख संस्कृत के महाकवि भास की रचना 'दूतवाक्य' के बारे में नहीं है
सोहर
सोहर घर में सन्तान होने पर गाया जाने वाला मंगल गीत है। इसको संतान के जन्म और उससे संबंधित अवसरों जैसे
ललित कला
सौंदर्य या लालित्य के आश्रय से व्यक्त होने वाली कलाएँ ललित कला कहलाती हैं। अर्थात् वह कला जिसके अभिव्यंजन
जय श्री कृष्णा
जय श्री कृष्णा एक संस्कृत अभिव्यक्ति है, जिसका अनुवाद "कृष्ण की विजय" होता है,जो की हिन्दू धर्म में