पुराण

पुराण, हिन्दुओं के धर्म-सम्बन्धी आख्यान ग्रन्थ हैं, जिनमें संसार - ऋषियों - राजाओं के वृत्तान्त आदि हैं। ये वैदिक काल के बहुत समय बाद के ग्रन्थ हैं। भारतीय जीवन-धारा में जिन ग्रन्थों का महत्त्वपूर्ण स्थान है उनमें पुराण प्राचीन भक्ति-ग्रन्थों के रूप में बहुत महत्त्वपूर्ण माने जाते हैं। अठारह पुराणों में अलग-अलग देवी-देवताओं को केन्द्र मानकर पाप और पुण्य, धर्म और अधर्म, कर्म और अकर्म की गाथाएँ कही गयी हैं। कुछ पुराणों में सृष्टि के आरम्भ से अन्त तक का विवरण दिया गया है।
स्कन्द पुराण
विभिन्न विषयों के विस्तृत विवेचन की दृष्टि से स्कन्दपुराण सबसे बड़ा पुराण है। भगवान स्कन्द
हजारीप्रसाद द्विवेदी
हजारीप्रसाद द्विवेदी हिन्दी निबन्धकार, आलोचक और उपन्यासकार थे। वे हिंदी, अंग्रेज़ी, संस्कृत और
श्रीपाद दामोदर सातवलेकर
वेदमूर्ति श्रीपाद दामोदर सातवलेकर वेदों का गहन अध्ययन करनेवाले शीर्षस्थ विद्वान् थे। उन्हें 'साहित्य
एल्कलॉएड
एल्कलॉएड प्राकृतिक रूप से उपलब्ध रासायनिक यौगिक होते हैं, जिनमें प्रायः क्षारीय नाइट्रोजन परमाणु
मंगलाप्रसाद पारितोषिक
मंगलाप्रसाद पारितोषिक हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग के द्वारा साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान
भारतीय सर्वेक्षण विभाग
भारतीय सर्वेक्षण विभाग, भारत की नक्शे बनाने और सर्वेक्षण करने वाली केन्द्रीय एजेंसी है। इसका
माधवराव सप्रे
माधवराव सप्रे हिन्दी के साहित्यकार, पत्रकार थे। वे हिन्दी के प्रथम कहानी लेखक के रूप में जाने जाते
नारद पुराण
नारद पुराण या 'नारदीय पुराण' अट्ठारह महापुराणों में से एक पुराण है। यह स्वयं महर्षि नारद के मुख से
कुँवरपाल सिंह
प्रो॰ कुँवरपाल सिंह हिन्दी के जाने माने विद्वान, संपादक, लेखक और साहित्यकार हैं। उनका जन्म हाथरस
जय श्री कृष्णा
जय श्री कृष्णा एक संस्कृत अभिव्यक्ति है, जिसका अनुवाद "कृष्ण की विजय" होता है,जो की हिन्दू धर्म में