भौतिक शास्त्र

भौतिकी, प्रकृति विज्ञान की एक विशाल शाखा है। भौतिकी को परिभाषित करना कठिन है। कुछ विद्वानों के मतानुसार यह ऊर्जा विषयक विज्ञान है और इसमें ऊर्जा के रूपांतरण तथा उसके द्रव्य संबन्धों की विवेचना की जाती है। इसके द्वारा प्राकृत जगत और उसकी आन्तरिक क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है। स्थान, काल, गति, द्रव्य, विद्युत, प्रकाश, ऊष्मा तथा ध्वनि इत्यादि अनेक विषय इसकी परिधि में आते हैं। यह विज्ञान का एक प्रमुख विभाग है। इसके सिद्धांत समूचे विज्ञान में मान्य हैं और विज्ञान के प्रत्येक अंग में लागू होते हैं। इसका क्षेत्र विस्तृत है और इसकी सीमा निर्धारित करना अति दुष्कर है। सभी वैज्ञानिक विषय अल्पाधिक मात्रा में इसके अंतर्गत आ जाते हैं। विज्ञान की अन्य शाखायें या तो सीधे ही भौतिक पर आधारित हैं, अथवा इनके तथ्यों को इसके मूल सिद्धांतों से संबद्ध करने का प्रयत्न किया जाता है।
गणितीय भौतिकी
गणितीय भौतिकी भौतिकी की समस्याओं के समाधान के लिये गणितीय विधियों के विकास से संबन्धित है। 'गणितीय
ऊष्मागतिकी के सिद्धान्त
19वीं शताब्दी के मध्य में ऊष्मागतिकी के दो सिद्धांतों का प्रतिपादन किया गया था, जिन्हें उष्मागतिकी
ऊष्मा
ऊष्मा (heat) या ऊष्मीय ऊर्जा, ऊर्जा का एक रूप है जो ताप के कारण होता है। ऊर्जा के अन्य रूपों की तरह ऊष्मा
अभिकलनात्मक भौतिकी
कम्प्यूटेशनल भौतिकी है संख्यात्मक अध्ययन के कार्यान्वयन और एल्गोरिदम करने में समस्याओं का
कार्लो रुबिया
कार्लो रुबिया इटली के कण भौतिकविज्ञानी एवं आविष्कारक हैं जिनको डब्ल्यू एवं जेड बोसान के आविष्कार
ऊर्जा
भौतिकी में, ऊर्जा वस्तुओं का एक गुण है, जो अन्य वस्तुओं को स्थानांतरित किया जा सकता है या विभिन्न रूपों
परिपथ आरेख
किसी विद्युत परिपथ के सरलीकृत आरेख को परिपथ आरेख, या विद्युत आरेख या एलेक्ट्रानिक स्कीमैटिक
भाषाविज्ञान का इतिहास
प्राचीन काल में भाषावैज्ञानिक अध्ययन मूलत: भाषा के सही व्याख्या करने की कोशिश के रूप में था। सबसे
प्राकृत साहित्य
मध्ययुगीन प्राकृतों का गद्य-पद्यात्मक साहित्य विशाल मात्रा में उपलब्ध है। प्राकृत, भारतीय उपमहाद्वीप
आनन्द दिघे
आनन्द दिघे, शिव सेना के ठाणे जिले के एक वरिष्ट नेता थे