रबीन्द्रनाथ ठाकुर

रबीन्द्रनाथ ठाकुर विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के नोबल पुरस्कार विजेता हैं। उन्हें गुरुदेव के नाम से भी जाना जाता है। बांग्ला साहित्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नयी जान फूँकने वाले युगदृष्टा थे। वे एशिया के प्रथम नोबेल पुरस्कार सम्मानित व्यक्ति हैं। वे एकमात्र कवि हैं जिसकी दो रचनाएँ दो देशों का राष्ट्रगान बनीं - भारत का राष्ट्र-गान 'जन गण मन' और बाँग्लादेश का राष्ट्रीय गान 'आमार सोनार बांङ्ला' गुरुदेव की ही रचनाएँ हैं।
साहित्य अकादमी पुरस्कार
साहित्य अकादमी पुरस्कार भारत में एक साहित्यिक सम्मान है, जो साहित्य अकादमी प्रतिवर्ष भारत की
अमृतलाल नागर
अमृतलाल नागर हिन्दी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार थे। उन्हें भारत सरकार द्वारा १९८१ में साहित्य एवं
जगन्नाथदास रत्नाकर
जगन्नाथदास रत्नाकर आधुनिक युग के श्रेष्ठ ब्रजभाषा कवि थे
सुमित्रानन्दन पन्त
सुमित्रानंदन पंत हिंदी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। इस युग को जयशंकर
तमिल साहित्य
इसी शीर्षक के पुस्तक के लिए देखें तमिल साहित्य का इतिहास (पुस्तक
किन्नू
किन्नू निम्बू-वंश का एक गोलाकार फल है। इसमें विटामिन सी एवं शर्करा प्रचुर मात्रा में पाया जाता है
चन्द्रधर शर्मा 'गुलेरी'
चन्द्रधर शर्मा 'गुलेरी' हिन्दी के कथाकार, व्यंगकार तथा निबन्धकार थे
गुजराती साहित्य
गुजराती भाषा आधुनिक भारतीय आर्य भाषाओं में से एक है और इसका विकास शौरसेनी प्राकृत के परवर्ती रूप
आनन्‍द केंटिश कुमारस्‍वामी
आनन्‍द कुमारस्‍वामी श्री लंका के सुविख्यात कलामर्मज्ञ एवं भारत-चिन्तक तमिल थे
बी॰ संतोष बाबू
कर्नल बिक्कुमल्ला संतोष बाबू MVC एक भारतीय सेना अधिकारी और 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे