सहायिकी

हमारे पास ओटीपी नहीं आ रहा है सहायिकी (subsidy) या राजसहायता किसी आर्थिक या समाजिक नीति को बढ़ाने के लिए दी गई वित्तिय सहायता होती है। यह आमतौर से सरकार द्वारा व्यक्तियों, कम्पनियों या संस्थाओं को दी जाती है। सहायिकी के कई रूप हो सकते हैं, जैसे कि सीधे पैसे देना, कर छूट देना, बिना ब्याज़ के ऋण देना, इत्यादि। उपभोक्ताओं को सहायिकी किसी माल या सेवा की कीमत घटाने के लिए दी जाती है, मसलन भारत की राशन व्यवस्था में अनाज व अन्य आवश्यक खाद्यसामग्री कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाती है। सहायिकी प्रदान करने का खर्चा अंततः दो ही स्रोतों से मिलता है: या तो इसे साधारण करदाता पर कर बढ़ाकर लिया जाता है या फिर उसे मुद्रा छापकर पूरा करा जाता है, जिस से महंगाई बढ़ती है । कुछ क्षेत्रों में सीमित सहायिकी देने से सहाजिक कल्याण, कमज़ोर वर्गों की रक्षा और अर्थव्यवस्था में व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है।
चौथ बरवाड़ा का किला
चौथ का बरवाड़ा में स्थित यह किला चौथ माता सरोवर के पास पड़ता है। चौथ का बरवाड़ा शहर सवाई माधोपुर जिले
कल्पा
कल्पा (Kalpa) भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के किन्नौर ज़िले में स्थित एक बस्ती है। यह सतलुज नदी की घाटी
रिकांग पिओ
रिकांग पिओ भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के किन्नौर ज़िले में स्थित एक बस्ती है। यह ज़िले का मुख्यालय
साम्बा
साम्बा (Samba) भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य के साम्बा ज़िले में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय
जोखिम
जोखिम (risk) किसी मूल्य की चीज़ को पाने या खोने की सम्भावना को कहते हैं। जोखिम के कार्यों और
ब्रांड
ब्रांड एक ऐसे नाम, डिज़ाईन अथवा किसी ऐसे विशेष लक्षण को कहा जाता है जो कि किसी एक विक्रेता के उत्पाद
बनिहाल
बनिहाल (Banihal) भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य के रामबन ज़िले में स्थित एक नगर है। यह ज़िले में तहसील का
शाहबाद मारकंडा
शाहबाद मारकंडा भारत के हरियाणा राज्य के कुरुक्षेत्र ज़िले में स्थित एक नगर है। यह मारकंडा नदी के
जूनो (अंतरिक्ष यान)
जूनो अमेरिकी अंतरिक्ष अनुसन्धान परिषद्, नासा, द्वारा हमारे सौर मंडल के पाँचवे ग्रह, बृहस्पति, पर
बामा (लेखिका)
बामा एक तमिल दलित नारीवादी, शिक्षिका और उपन्यासकार हैं। उनका आत्मकथात्मक उपन्यास कारुक्कु (1992) तमिलनाडु