2008 Top Ten of Polemic for Mathematics

मिथ्या तर्क
मिथ्या तर्क (fallacy) किसी कथन का वह भाग है जो तार्किक रूप से दोषपूर्ण सिद्ध किया जा सके। हिन्दी में इसे 'मिथ्या हेतु', हेत्वाभास, तर्काभास और भ्रामकता भी कहा जाता है
पूर्णांक
एक पूर्णांक बोलचाल की भाषा में एक संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसे एक भिन्नात्मक घटक के बिना लिखा जा सकता है। उदाहरण के लिए, 21, 4, 0 और −2048 पूर्णांक हैं, जबकि 9.75, 1/1/2 पूर्णांक नहीं हैं
हेमचन्द्र श्रेणी
गणित में संख्याओं का निम्नलिखित अनुक्रम हेमचंद्र श्रेणी या फिबोनाची श्रेणी कहलाता हैं
अरब
सौ करोड़ के मान वाली प्राकृतिक संख्या को अरब कहते हैं। इसे अंग्रेजी में बिलियन (billion) कहते हैं। बिलियन को b या bn के रूप में भी लिखा जा सकता है
संख्या
संख्याएँ वे गणितीय वस्तुएँ हैं जिनका उपयोग मापने, गिनने और नामकरण करने के लिए किया जाता है। १, २, ३, ४ आदि प्राकृतिक संख्याएँ इसकी सबसे मूलभूत उदाहरण हैं। इसके अलावा वास्तविक संख्याएँ और अन्य प्रकार
गणित
गणित ऐसी विद्याओं का समूह है जो संख्याओं, मात्राओं, परिमाणों, रूपों और उनके आपसी रिश्तों, गुण, स्वभाव इत्यादि का अध्ययन करती हैं। गणित एक अमूर्त या निराकार (abstract) और निगमनात्मक प्रणाली है। गणित की कई
अंक
अंक ऐसे चिह्न हैं जो संख्याओं के लिखने के काम आते हैं। दासमिक पद्धति में शून्य से लेकर नौ तक कुल दस अंक प्रयोग किये जाते हैं। इसी प्रकार षोडश आधारी में शून्य से लेकर ९ तक एवं A से लेकर F कुल १६ अंक
ब्रह्मगुप्त
ब्रह्मगुप्त (५९८-६६८) प्रसिद्ध भारतीय गणितज्ञ थे। वे तत्कालीन गुर्जर प्रदेश (भीनमाल) के अन्तर्गत आने वाले प्रख्यात शहर उज्जैन की अन्तरिक्ष प्रयोगशाला के प्रमुख थे और इस दौरान उन्होने दो विशेष
बीजगणित
यह लेख गणित के आधुनिक उपविषय बीजगणित (algebra) के बारे में है। भारत के महान गणितज्ञ आर्यभट द्वारा रचित संस्कृत ग्रन्थ के लिए बीजगणित देखें
अंकगणित
अंकगणित (Arithmetics) गणित की तीन बड़ी शाखाओं में से एक है। अंकों तथा संख्याओं की गणनाओं से सम्बंधित गणित की शाखा को अंकगणित कहा जाता हैं। यह गणित की मौलिक शाखा है तथा इसी से गणित की प्रारम्भिक शिक्षा का