2010 Top Ten of Polemic for Philosophy

महावीर
साँचा:जैन
बुराई की समस्या
(अंग्रेजीः Problem of evil) यह दर्शन की एक प्रसिद्ध समस्या है
नास्तिकता
नास्तिकता अथवा नास्तिकवाद या अनीश्वरवाद, वह सिद्धांत है जो जगत् की सृष्टि करने वाले, इसका संचालन और नियंत्रण करनेवाले किसी भी ईश्वर के अस्तित्व को सर्वमान्य प्रमाण के न होने के आधार पर स्वीकार नहीं
लियोन त्रोत्स्की
लेव त्रोत्सकी रूस के मार्क्सवादी क्रांतिकारी तथा सिद्धान्तकार, सोवियत राजनेता तथा लाल सेना के संस्थापक व प्रथम नेता थे
कर्म योग
कर्म योग अर्थात कर्म में लीन होना। योगा कर्मो किशलयाम, योग: कर्मसु कौशलम्
बुद्धिवाद
बुद्धिवाद या 'प्रज्ञावाद' (Intellectualism) बुद्धि के उपयोग एवं विकास को इंगित करता है। बुद्धिजीवी होने तथा बुद्धि से सम्बंधित कार्यों को विशेष महत्व देने की क्रिया बुद्धिवाद कहलाती है। इसके अलावा, दर्शन के
अतियथार्थवाद
अतियथार्थवाद, कला और साहित्य के क्षेत्र में प्रथम महायुद्ध के लगभग प्रचलित होने वाली शैली और आंदोलन था। चित्रण और मूर्तिकला में तो यह आधुनिकतम शैली और तकनीक हैं। इसके प्रचारकों और कलाकारों में
तार्किक वस्तुनिष्ठावाद
तार्किक प्रत्यक्षवाद ह्यूम के अनुभववाद, कॉन्त के वस्तुनिष्ठावाद तथा ह्वाइटहेड रसेल के तार्किक विश्लेषण का विचित्र सम्मिश्रण है। विज्ञानों को निरापद आधारप्रदान तथा अतींद्रिय तत्वविज्ञान की
तत्त्वमीमांसा
दर्शनशास्त्र की कई शाखाएँ हैं,जिनमें से एक तत्व मीमांसा भी है। तत्त्व मीमांसा दर्शनशास्त्र की वह शाखा है,जो ब्रह्मांड के परम तत्व / ईश्वर की खोज करते हुये उसके परम स्वरूप का विवेचन करती है
वेदान्त दर्शन
प्रस्थानत्रयी लिए प्रस्थानत्रयी देखें