2011 Top Ten of Conflict for History

चन्द्रगुप्त मौर्य
चन्द्रगुप्त मौर्य में भारत के महान सम्राट थे। इन्होंने मौर्य साम्राज्य की स्थापना की थी। चन्द्रगुप्त पूरे भारत को एक साम्राज्य के अधीन लाने में सफल रहे। चन्द्रगुप्त मौर्य के राज्यारोहण की
मौर्य राजवंश
मौर्य राजवंश प्राचीन भारत का एक शक्तिशाली राजवंश था। मौर्य राजवंश ने 137 वर्ष भारत में राज्य किया। इसकी स्थापना का श्रेय चन्द्रगुप्त मौर्य और उसके मंत्री चाणक्य (कौटिल्य) को दिया जाता है
पृथ्वीराज चौहान
पृथ्वीराज तृतीय जिन्हें आम तौर पर पृथ्वीराज चौहान कहा जाता है,चौहान वंश के राजा थे। उन्होंने वर्तमान उत्तर-पश्चिमी भारत में पारम्परिक चौहान क्षेत्र सपादलक्ष पर शासन किया। उन्होंने वर्तमान राजस्थान
इतिहास
इतिहास] का प्रयोग विशेषतः दो अर्थों में किया जाता है। एक है प्राचीन अथवा विगत काल की घटनाएँ और दूसरा उन घटनाओं के विषय में धारणा इतिहास शब्द का तात्पर्य है "यह निश्चित था"। ग्रीस के लोग इतिहास के लिए
अकबर
जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर तैमूरी वंशावली के मुगल वंश का तीसरा शासक था। अकबर को अकबर-ऐ-आज़म, शहंशाह अकबर, महाबली शहंशाह के नाम से भी जाना जाता है। सम्राट अकबर मुगल साम्राज्य के संस्थापक जहीरुद्दीन
झाँसी
झाँसी (Jhansi) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के झाँसी जनपद में स्थित एक नगर है। यह जनपद का मुख्यालय भी है। यह नगर भारतभर में झाँसी की रानी की 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका के कारण
पहला विश्व युद्ध
प्रथम विश्व युद्ध यूरोप में होने वाला यह एक वैश्विक युद्ध था जो 28 जुलाई 1914 से 11 नवंबर 1918 तक चला था। इसे महान युद्ध या "सभी युद्धों को समाप्त करने वाला युद्ध" के रूप में जाना जाता था। इस युद्ध ने 6 करोड़ यूरोपीय
तैमूरलंग
तैमूरलंग, मूूूू (लोहा,लंगड़ा) जिसे 'तैमूर', 'तिमूर' या 'तीमूर' भी कहते हैं, चौदहवी शताब्दी का एक शासक था जिसने तैमूरी राजवंश की स्थापना की थी। उसका राज्य पश्चिम एशिया से लेकर मध्य एशिया होते हुए भारत
औरंगज़ेब
मुहिउद्दीन मोहम्मद, जिसे आम तौर पर औरंगज़ेब या आलमगीर के नाम से जाना जाता था, भारत पर राज करने वाला छठा मुग़ल शासक था। उसका शासन 1658 से लेकर 1707 में उनकी मृत्यु तक चला। औरंगज़ेब ने भारतीय उपमहाद्वीप पर
चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य
चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य भारत के गुप्त वंश के महानतम एवं सर्वाधिक शक्तिशाली सम्राट थे। उनका राज्यकाल में गुप्त राजवंश अपने चरम उत्कर्ष पर था। यह समय भारत का स्वर्णिम युग भी कहा जाता है