2011 Top Ten of Polemic for Mathematics

नारायण पण्डित (गणितज्ञ)
नारायण पण्डित (१३४०–१४००) भारत के एक प्रमुख गणितज्ञ थे। उन्होंने १३५६ में गणितीय संक्रियाओं के बारे में गणित कौमुदी नामक पुस्तक लिखी। इसके फलस्वरुप क्रमचय-संचय में कई विकास हुये। कुछ लोग नारायन
घटाना
जोड़ने की प्रक्रिया के विरुद्ध प्रक्रिया को घटाना कहा जाता है। जब किसी संख्या अथवा अंक से किसी दूसरी संख्या या अंक को कम किया जाता है तो उसे घटाना कहा जाता है। घटाने को - चिह्न से प्रदर्शित किया
त्रिकोणमिति के उपयोग
त्रिकोणमिति के अनेक उपयोग होते हैं। पाठ्यपुस्तकों में भूमि सर्वेक्षण, जहाजरानी, भवन आदि का ही प्राय: उल्लेख किया गया होता है। इसके अलावा यह गणित, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आदि शैक्षिक क्षेत्रों
तर्कशास्त्र का इतिहास
अनेकों संस्कृतियों ने तर्क करने की सूक्ष्मतिसूक्ष्म प्रणाली अपनायी तथा मानव के सम्पूर्ण चिन्तन में तर्क उपस्थित रहा है। किन्तु तर्क करने की स्पष्ट और विधिवत प्रणाली मुख्यत: और मूलत: भारत, चीन
रेखा-युग्म
रेखायुग्म-दो सरल रेखाओं का समूह रेखा युग्म कहलाता है। कार्तीय निर्देशांक में इन दो रेखाओं को सम्मिलित रूप से निरूपित करने वाला समीकरण X एवं Y में एक द्विघात समीकरण होता है
हिन्दू-अरबी अंक पद्धति का इतिहास
यूरोप में बारहवीं शताब्दी तक रोमन अंकों का प्रयोग होता था। रोमन अंक प्रणाली में केवल सात अंक हैं, जो अक्षरों द्वारा व्यक्त किए जाते हैं। ये अक्षरांक हैं- I (एक), V (पांच), L (पचास), C (सौ), D तथा M । इन्हीं अंको
मूलभूत प्रमेय
गणित के किसी क्षेत्र में उस प्रमेय को मूलभूत प्रमेय कहा जाता है जिस पर उस क्षेत्र की अधिकांश चीजें आाधारित होतीं हैं। यह जरूरी नहीं है कि जिसे मूलभूत प्रमेय कहा जाता है वह बहुत ज्यादा प्रयोग में आता
जगन्नाथ सम्राट
पिङ्गल
पिंगल राव कुल में जन्मे भारत के प्राचीन गणितज्ञ और छन्दःसूत्रम् के रचयिता। इनका काल ४०० ईपू से २०० ईपू अनुमानित है। जनश्रुति के अनुसार यह पाणिनि के अनुज थे। छन्द:सूत्र में मेरु प्रस्तार, द्विआधारी
गणित की पारिभाषिक शब्दावली
निरपेक्ष मान : संख्या रेखा पर किसी संख्या की शून्य से