2014 Top Ten of Conflict for Mathematics

हिन्दू काल गणना
प्राचीन हिन्दू धार्मिक और पौराणिक वर्णित समय चक्र आश्चर्यजनक रूप से एक समान हैं। प्राचीन भारतीय मापन पद्धतियां, अभी भी प्रयोग में हैं
समीकरण
समीकरण (equation) प्रतीकों की सहायता से व्यक्त किया गया एक गणितीय कथन है जो दो वस्तुओं को समान अथवा तुल्य बताता है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि आधुनिक गणित में समीकरण सर्वाधिक महत्वपूर्ण विषय है। आधुनिक
खगोलीय इकाई
खगोलीय इकाई लम्बाई की इकाई है, जो लगभग 150 मिलियन किलोमीटर है और पृथ्वी से सूर्य की दूरी पर आधारित है। इसकी सही सही मान है 149,597,870,691 ± 30 मीटर
नॉट (इकाई)
नॉट गति की इकाई है। यह एक नॉटिकल मील प्रति घंटा के बराबर होती है
अन्तर्राष्ट्रीय मानक संगठन/अन्तर्राष्ट्रीय विद्युततक्नीकी आयोग 80000
अन्तर्राष्ट्रीय मानक ISO 80000 या IEC 80000, ISO 31 और IEC 60027 का उत्तराधिकारी है। यह भौतिक इकाइयों के प्रयोग और मापन की इकाइयों की, एवं उनमें संलग्न सूत्रों की सर्वाधिक प्रशंसित शैली संदर्शिका है। यह वैज्ञानिक और
अंकगणित
अंकगणित (Arithmetics) गणित की तीन बड़ी शाखाओं में से एक है। अंकों तथा संख्याओं की गणनाओं से सम्बंधित गणित की शाखा को अंकगणित कहा जाता हैं। यह गणित की मौलिक शाखा है तथा इसी से गणित की प्रारम्भिक शिक्षा का
गणित
गणित ऐसी विद्याओं का समूह है जो संख्याओं, मात्राओं, परिमाणों, रूपों और उनके आपसी रिश्तों, गुण, स्वभाव इत्यादि का अध्ययन करती हैं। गणित एक अमूर्त या निराकार (abstract) और निगमनात्मक प्रणाली है। गणित की कई
तर्क
दर्शनशास्त्र में तर्क‍ (argument) कथनों की ऐसी शृंखला होती है जिसके द्वरा किसी व्यक्ति या समुदाय को किसी बात के लिये राज़ी किया जाता है या उन्हें किसी व्यक्तव्य को सत्य मानने के लिये कारण दिये जाते हैं
वशिष्ठ नारायण सिंह
वशिष्ठ नारायण सिंह एक भारतीय गणितज्ञ थे। <ref name="भास्कर">"देश का एक नामी गणितज्ञ जो खो गया गुमनामियों में, साथ में खो गए कई रहस्य!". दैनिक भास्कर. ७ मार्च २०१३. मूल से 9 मार्च 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि १३
अक्षांश रेखाएँ
भूगोल में किसी स्थान की स्थिति को बताने के लिए उस स्थान का अक्षांश (latitude) तथा देशांतर (longitude) बताया जाता है। किसी स्थान का अक्षांश, धरातल पर उस स्थान की 'उत्तर-दक्षिण स्थिति' को बताता है। उत्तरी और