2014 Top Ten of Polemic for Health

प्राथमिक चिकित्सा
किसी रोग के होने या चोट लगने पर किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा जो सीमित उपचार किया जाता है उसे प्राथमिक चिकित्सा कहते हैं। इसका उद्देश्य कम से कम साधनों में इतनी व्यवस्था करना होता है कि चोटग्रस्त
रोगभ्रम
रोगभ्रम (Hypochondriasis) शरीर के किसी अंग में रोग की कल्पना, या अपने स्वास्थ्य के संबंध में निरंतर दुश्चिंता, अटूट व्यग्रता और अतिचिंता की स्थिति को कहते हैं
स्टेथोस्कोप
स्टेथॉस्कोप (Stethoscope) या परिश्रावक रोगी के रक्तसंचार की दशा का परीक्षण करने का उपकरण है
मुंहासे
मुंहासे या पिटिका त्वचा की एक स्थिति है जो सफेद, काले और जलने वाले लाल दाग के रूप में दिखते हैं। यह लगभग 13 वर्ष से शुरू होकर 30 वर्ष तक कभी भी निकल सकते हैं। ये निकलते समय तकलीफ दायक होते हैं व इसके बाद
एड्स
उपार्जित प्रतिरक्षी अपूर्णता सहलक्षण या एड्स मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु [मा.प्र.अ.स.] (एच.आई.वी) संक्रमण के बाद की स्थिति है, जिसमें मानव अपने प्राकृतिक प्रतिरक्षण क्षमता खो देता है। एड्स स्वयं
मासिक धर्म
संपूर्ण जानकारी - भानुप्रताप सिंह
चुंबक चिकित्सा
चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में चुंबकत्व का क्या महत्व
मानव शरीर
amrutam अमृतम पत्रिका, Gwalior MP कृष्ण- -मिलनकी विरहजन्य पीडा से अधीर होकर मीरा के मानसिक रोग का चिकित्सक भी तो साँवरिया ही था 'मीरा की मन पीर मिटे जब वैद संवरिया होय। सूर की इस चेतावनी की अनदेखी कहीं सिर धुननेको
चिकित्साशास्त्र
चिकित्साशास्त्र आयुर्विज्ञान का एक क्षेत्र है। यह क्षेत्र अस्वस्थ्य मनुष्य को स्वस्थ्य बनाने से सम्बन्धित है। इस शास्त्र में अस्वस्थ्य मनुष्य का ब्याधि वा रोग का अध्ययन किया जाता है, उसके बाद
आयुर्विज्ञान
आयुर्विज्ञान, विज्ञान अर्थात आयु का विज्ञान है। यह वह विज्ञान व कला है जिसका संबंध मानव शरीर को निरोग रखने, रोग हो जाने पर रोग से मुक्त करने अथवा उसका शमन करने तथा आयु बढ़ाने से है। प्राचीन सभ्यताओं