2016 Top Ten of Polemic for Religion

मोइनुद्दीन चिश्ती
ख़्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की मज़ार अजमेर शहर में है। यह माना जाता है कि मोइनुद्दीन चिश्ती का जन्म ५३७ हिज़री संवत् अर्थात ११४३ ई॰ पूर्व पर्शिया के सिस्तान क्षेत्र में हुआ। अन्य खाते के अनुसार
श्री राम सेना
श्री राम सेना एक हिंदूवादी संगठन हैं, जिसकी स्थापना 1960 के दशक में कल्कि महाराज ने की थी। यह संगठन मोरल पुलिसिंग की गतिविधियों के कारण खबरों और विवादों में रहता है। इस संगठन की वेबसाइट के मुताबिक
हिन्दू पंचांग
हिन्दू पञ्चाङ्ग से आशय उन सभी प्रकार के पञ्चाङ्गों से है जो परम्परागत रूप प्राचीन काल से भारत में प्रयुक्त होते आ रहे हैं। पंचांग शब्द का अर्थ है, पाँच अंगो वाला। पंचांग में समय गणना के पाँच अंग हैं
कमल मंदिर (बहाई उपासना मंदिर)
लोटस टेंपल या कमल मंदिर, भारत की राजधानी दिल्ली के नेहरू प्लेस के पास स्थित एक बहाई उपासना स्थल है। यह अपने आप में एक अनूठा मंदिर है। यहाँ पर न कोई मूर्ति है और न ही किसी प्रकार का कोई धार्मिक कर्म
सोमनाथ मन्दिर
सोमनाथ मन्दिर भूमण्डल में दक्षिण एशिया स्थित भारतवर्ष के पश्चिमी छोर पर गुजरात नामक प्रदेश स्थित, अत्यन्त प्राचीन व ऐतिहासिक शिव मन्दिर का नाम है। यह भारतीय इतिहास तथा हिन्दुओं के चुनिन्दा और महत्वपूर्ण
क़ुरआन
कुरान इस्लाम की पाक किताब है मुसलमान मानते हैं कि इसे अल्लाह ने फ़रिश्ते जिब्रईल द्वारा मुहम्मद को सुनाया था। मुसलमान मानते हैं कि कुरान ही अल्लाह की भेजी अन्तिम और सर्वोच्च किताब है। हालाँकि
दशावतार
हिन्दू धर्म में विभिन्न देवताओं के अवतार की मान्यता है। प्रायः विष्णु के दस अवतार माने गये हैं जिन्हें दशावतार कहते हैं। इसी तरह शिव और अन्य देवी-देवताओं के भी कई अवतार माने गये हैं
वराहावतार
वराहावतार भगवान विष्णु के अवतार हैं । जब जब धरती पापी लोगों से कष्ट पाती है तब तब भगवान विविध रूप धारण कर इसके दु:ख दूर करते हैं। दैत्य हिरण्याक्ष ने जब पृथ्वी को जल में डुबो दिया था तब भगवान विष्णु
भस्मासुर
भस्मासुर हिन्दू पौराणिक कथाओं में वर्णित एक ऐसा दैत्य था जिसे स्वयं भगवान शिव का वरदान था कि वो जिसके सिर पर हाथ रखेगा, वह भस्म हो जाएगा। कथा के अनुसार भस्मासुर ने इस शक्ति का गलत प्रयोग शुरू किया
ऋषि
ऋषि अर्थात "दृष्टा" भारतीय परंपरा में श्रुति ग्रंथों को दर्शन करने वाले जनों को कहा जाता है। वे व्यक्ति विशिष्ट जिन्होंने अपनी विलक्षण एकाग्रता के बल पर गहन ध्यान में विलक्षण शब्दों के दर्शन किये