2017 Top Ten of Conflict for History

सिंधु घाटी सभ्यता
सिन्धु घाटी सभ्यता [कृपया उद्धरण जोड़ें] विश्व की प्राचीन सभ्यताओं में से एक प्रमुख सभ्यता है। जो मुख्य रूप से दक्षिण एशिया के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में, जो आज तक उत्तर पूर्व अफगानिस्तान तीन
गुर्जर-प्रतिहार राजवंश
गुर्जर-प्रतिहार राजवंश भारतीय उपमहाद्वीप में प्राचीन एवं मध्यकालीन दौर के संक्रमण काल में साम्राज्य स्थापित करने वाला एक राजवंश था जिसके शासकों ने मध्य-उत्तर भारत के बड़े हिस्से पर मध्य-8वीं सदी
बिहार का इतिहास
बिहार के इतिहास को तीन काल-खण्डों में बांटकर देखा जा सकता है।प्राचीन इतिहास मध्यकालीन इतिहास नवीन
परमार वंश
परमार या पँवार मध्यकालीन भारत का एक अग्निवंशी क्षत्रिय राजवंश था। इस राजवंश का अधिकार धार-मालवा-उज्जयिनी-आबू पर्वत और सिन्धु के निकट अमरकोट आदि राज्यों तक था। लगभग सम्पूर्ण पश्चमी भारत क्षेत्र
मिहिर भोज
मिहिर भोज, अथवा प्रथम भोज, गुर्जर-प्रतिहार राजवंश के राजा थे जिन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी हिस्से में लगभग 49 वर्षों तक शासन किया और इनकी राजधानी कन्नौज थी। इनके राज्य का विस्तार नर्मदा
अशोक
सम्राट अशोक विश्वप्रसिद्ध एवं शक्तिशाली भारतीय गडरिया मौर्य राजवंश के महान सम्राट थे।अशोक सम्राट बौद्ध धर्म के सबसे प्रतापी राजा थे। सम्राट अशोक का पूरा नाम देवानांप्रिय अशोक मौर्य था। उनका राजकाल
१८५७ का प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम
१८५७ का भारतीय विद्रोह, जिसे प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, सिपाही विद्रोह और भारतीय विद्रोह के नाम से भी जाना जाता है ब्रिटिश शासन के विरुद्ध एक सशस्त्र विद्रोह था। यह विद्रोह दो वर्षों तक भारत
बप्पा रावल
बप्पा रावल मेवाड़ राज्य में गुहिल राजपूत राजवंश के संस्थापक राजा थे। बप्पारावल का जन्म मेवाड़ के महाराजा गुहिल की मृत्यु के १९१ वर्ष पश्चात ७१२ ई. में ईडर में हुआ। उनके पिता ईडर के शाषक महेंद्र
चन्द्रगुप्त मौर्य
चन्द्रगुप्त मौर्य में भारत के महान सम्राट थे। इन्होंने मौर्य साम्राज्य की स्थापना की थी। चन्द्रगुप्त पूरे भारत को एक साम्राज्य के अधीन लाने में सफल रहे। चन्द्रगुप्त मौर्य के राज्यारोहण की
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, अधिकतर कांग्रेस के नाम से प्रख्यात, भारत के दो प्रमुख राजनैतिक दलों में से एक हैं, जिन में अन्य भारतीय जनता पार्टी हैं। कांग्रेस की स्थापना ब्टिश राज में 28 दिसंबर 1885 को हुई