2018 Top Ten of Polemic for History

साइमन कमीशन
साइमन आयोग सात ब्रिटिश सांसदो का समूह था, जिसका गठन 8 नवम्बर 1927 में भारत में संविधान सुधारों के अध्ययन के लिये किया गया था और इसका मुख्य कार्य ये था कि मानटेंगयु चेम्स्फ़ो्द सुधार कि जॉच करना था।3 फरवरी
म्लेच्छ
म्लेच्छ प्राचीन भारत में दूसरे देशों से आये हुए लोगों को कहते थे जो ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, और शूद्र से इतर थे। शुक्रनीतिसार में शुक्राचार्य का कथन है-त्यक्तस्वधर्माचरणा निर्घृणा: परपीडका: । चण्डाश्चहिंसका
हरित क्रांति (भारत)
हरित क्रांति उस क्रांति को कहते हैं जिसका संबंध कृषि के उस तिव्र वृद्धि से है जिसमे रासानिक उर्वरक तथा बीज के अत्यादिक उत्पादन से है उसे हरित क्रांति कहते हैंहिंदुस्तान में हरित क्रांन्ति की
आम्भी
आम्भी या आम्भीकुमार ई. पू. 327-26 में भारत पर आलक्षेन्द्र के आक्रमण के समय गांधार एवं उसकी राजधानी तक्षशिला​ के राजा थे। उनका राज्य सिंधु नदी और झेलम नदी के बीच विस्तृत था। आम्भी के पिता-माता थे राजा
अफ़ज़ल गुरु
मोहम्मद अफज़ल गुरु 'कुख्यात आतंकी' 2001 में भारतीय संसद पर हूए आतंकवादी हमले का दोषी है। 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमलों के मुख्य आरोपी मोहम्मद अफज़ल गुरु को 9 फ़रवरी 2013 को सुबह दिल्ली के तिहाड़ जेल में फांसी
मुहम्मद बिन क़ासिम
मुहम्मद बिन क़ासिम इस्लाम के शुरूआती काल में उमय्यद ख़िलाफ़त के एक अरब सिपहसालार थे। उनहोंने १७ साल की उम्र में भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिमी इलाक़ों पर हमला बोला और सिन्धु नदी के साथ लगे सिंध और
पाल वंश
पाल साम्राज्य मध्यकालीन "उत्तर भारत" का सबसे शक्तिशाली और महत्वपूर्ण साम्राज्य माना जाता है, जो कि 750-1174 इसवी तक चला। "पाल राजवंश" ने भारत के पूर्वी भाग में एक विशाल साम्राज्य बनाया। इस राज्य में वास्तु
पानीपत का तृतीय युद्ध
पानीपत का तीसरा युद्ध अहमद शाह अब्दाली और मराठा सेनापति सदाशिव राव भाऊ के बीच 14 जनवरी 1761 को वर्तमान पानीपत के मैदान मे हुआ जो वर्तमान समय में हरियाणा में है। इस युद्ध में गार्दी सेना प्रमुख
महमूद ग़ज़नवी
महमूद ग़ज़नवी मध्य अफ़ग़ानिस्तान में केन्द्रित गज़नवी राजवंश के एक महत्वपूर्ण शासक था जो पूर्वी ईरान भूमि में साम्राज्य विस्तार के लिए जाना जाता हैं। गजनवी तुर्क मूल का था और अपने समकालीन सल्जूक़
सिकंदर
सिकंदर या अलेक्जेंडर द ग्रेट मकदूनियाँ, (मेसेडोनिया) का ग्रीक प्रशासक था। वह एलेक्ज़ेंडर तृतीय तथा एलेक्ज़ेंडर मेसेडोनियन नाम से भी जाना जाता है। इतिहास में वह कुशल और यशस्वी सेनापतियों में से