2020 Top Ten of Polemic for Philosophy

शिशु
शिशु पृथ्वी पर किसी भी मानव (प्राणी) की सबसे पहली अवस्था है। जन्म से एक मास तक की आयु का शिशु नवजात कहलाता है जबकि एक महीने से तीन साल तक के बच्चे को सिर्फ शिशु कहते हैं। आम बोल चाल की भाषा मे नवजात और
हिन्दू दर्शन में नास्तिकता
नास्तिकता या निरेश्वरवाद या 'ईश्वर नहीं है' का सिद्धान्त अनेकों हिन्दू दर्शनों में तथा समय-समय पर देखने को मिलता है
शान्तिवाद
शांतिवाद (Pacifism) वह दर्शन है जो युद्ध एवं हिंसा का विरोध करती है। भारतीय धर्मों में 'अहिंसा' का जो दर्शन है वही शान्तिवाद है। आधुनिक युग में फ्रांस के एमाइल अर्नाद ने १९०१ में सबसे पहले यह शब्द उछाला था
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 भारतीय संसद द्वारा पारित केंद्रीय कानून है जो सरकारी तंत्र एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में भ्रष्टाचार को कम करने के उद्देश्य से बनाया गया है
ज्ञान
निरपेक्ष सत्य की स्वानुभूति ही ज्ञान है। यह प्रिय-अप्रिय, सुख-दु:ख इत्यादि भावों से निरपेक्ष होता है। इसका विभाजन विषयों के आधार पर होता है। विषय पाँच होते हैं - रूप, रस, गंध, शब्द और स्पर्श
प्रत्यक्ष
भारतीय दर्शन के सन्दर्भ में, प्रत्यक्ष, तीन प्रमुख प्रमाणों में से एक है। यह प्रमाण सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। 'प्रत्यक्ष' का शाब्दिक अर्थ है- वह वस्तु जो आँखों के सामने हो। यहाँ 'आँख' से तात्पर्य सभी
द्विदलीय प्रणाली
साँचा:Politics sidebar द्विदलीय प्रणाली एक दल प्रणाली हैं, जहाँ दो प्रमुख राजनीतिक दल सरकार के भीतर, राजनीति को प्रभावित करते हैं। दो दलों में से आम तौर पर एक के पास विधायिका में बहुमत होता हैं और प्रायः
तथ्य
तथ्य (fact) ऐसा कथन होता है जो वास्तविकता के अनुकूल हो या जिसे साक्ष्य के प्रयोग द्वारा साबित किया जा सके। तथ्य की सच्चाई परखने के लिए उसके लिए प्रमाण प्रस्तुत करे जाते हैं, जिनके लिए मान्य सन्दर्भों
स्वाधीनता
स्वाधीनता या लिबर्टी (Liberty) से आशय व्यक्ति द्वारा अपने क्रियाकलापों का स्वयं द्वारा नियंत्रण से है। स्वाधीनता के बहुत से काँसेप्ट दिये गये हैं जिनमें व्यक्ति का समाज के साथ सम्बन्धों को भिन्न-भिन्न
अर्थ
अर्थ जीवन के चार पुरुषार्थों (लक्ष्यों) में से एक। अन्य तीन पुरुषार्थ हैं - धर्म, काम एवं