2021 Top Ten of Conflict for Culture

आल्ह-खण्ड
आल्ह-खण्ड लोक कवि जगनिक द्वारा लिखित एक वीर रस प्रधान काव्य हैं जिसमें आल्हा और ऊदल की ५२ लड़ाइयों का रोमांचकारी वर्णन हैं। ये दोनों के बनाफर वंश से संबंधित हैं। 12 वीं शताब्दी के दो बनफर नायकों, आल्हा
हर्माइनी ग्रेंजर
हर्माइनी ग्रेंजर जे. के. रोलिंग द्वारा रचित हैरी पॉटर (उपन्यास) शृंखला में एक जादूगरनी है। वो इसके प्रमुख किरदार हैरी पॉटर की ख़ास दोस्त है। वो भी तन्त्र-मन्त्र और जादू-टोने के विद्यालय हॉगवर्ट्स
ऊदल
ऊदल बुन्देलखण्ड (महोबा) के एक वीर योद्धा थे जिनकी वीरता की कहानी आज भी उत्तर-भारत के गाँव-गाँव में गायी जाती है। जगनिक ने आल्ह-खण्ड नामक एक काव्य रचा था उसमें इन वीरों की गाथा वर्णित है
गरेना फ्री फायर
गरेना फ्री फायर एक्शन-एडवेंचर बैटल रोयाल गेम है जो मोबाइल के लिए उपलब्ध है, जिसे 111dots Studio द्वारा विकसित किया गया है और गारिना द्वारा प्रकाशित किया गया है। यह खेल 20 नवंबर, 2017 को बीटा-रिलीज़ किया गया था
प्यार
प्यार या प्रेम एक एहसास है। जो दिमाग से नहीं दिल से होता है प्यार अनेक भावनाओं जिनमें अलग अलग विचारो का समावेश होता है। प्रेम स्नेह से लेकर खुशी की ओर धीरे धीरे अग्रसर करता है। ये एक मज़बूत आकर्षण
चाणक्य
चाणक्य चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे। वे कौटिल्य या विष्णुगुप्त नाम से भी विख्यात हैं। पिता श्री चणक के पुत्र होने के कारण वह चाणक्य कहे गए। विष्णुगुप्त कूटनीति, अर्थनीति, राजनीति के
स्वामी विवेकानन्द
स्वामी विवेकानन्द वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत
सूरदास
सूरदास हिन्दी के भक्तिकाल के महान कवि थे। हिन्दी साहित्य में भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य उपासक और ब्रजभाषा के श्रेष्ठ कवि महात्मा सूरदास हिंदी साहित्य के सूर्य माने जाते हैं। सूरदास जन्म से अंधे थे
वाक्य और वाक्य के भेद
पदों सार्थक शब्दों का व्यवस्थित समूह, जिससे वक्ता के कथन का अभीष्ट आशय अर्थ पूर्ण रूप से स्पष्ट होता है, वाक्य कहलाता है। हम यह भी कह सकते हैं: शब्दों के सार्थक मेल से बनने वाली इकाई वाक्य कहलाती
रस (काव्य शास्त्र)
श्रव्य काव्य के पठन अथवा श्रवण एवं दृश्य काव्य के दर्शन तथा श्रवण में जो अलौकिक आनन्द प्राप्त होता है, वही काव्य में रस कहलाता है। रस के जिस भाव से यह अनुभूति होती है कि वह रस है, स्थायी भाव होता है