2021 Top Ten of Conflict for Mathematics

हिन्दी की गिनती
हिन्दी की गिनती, संस्कृत की गिनती से अपभ्रंश होकर पैदा हुई है। उदाहरण के लिये हिन्दी का 'साठ' संस्कृत के 'षष्टिः' से उत्पन्न है; 'अस्सी' संस्कृत के 'असीति' से। इसी प्रकार देख सकते हैं कि हिन्दी की
आयत
ऐसा चतुर्भुज जिसके चारों अन्तःकोण समकोण हों उसे आयत (Rectangle) कहते हैं। आयत एक ऐसा चतुर्भुज है जिसकी आमने सामने की भुजाएं समांतर होती है, "आयत" कहलाता है
समुच्चय सिद्धान्त
समुच्चय सिद्धान्त, गणित की एक शाखा है जो समुच्चयों का अध्ययन करती है। वस्तुओं के सुपरिभाषित संग्रह (collection) को समुच्चय कहते हैं। यद्यपि समुच्चय के अन्तर्गत किसी भी प्रकार की वस्तुओं का संग्रह सम्भव
संस्कृत की गिनती
मन में पाप रखने
भास्कराचार्य
भास्कराचार्य या भास्कर द्वितीय प्राचीन भारत के एक प्रसिद्ध गणितज्ञ एवं ज्योतिषी थे। इनके द्वारा रचित मुख्य ग्रन्थ सिद्धान्त शिरोमणि है जिसमें लीलावती, बीजगणित, ग्रहगणित तथा गोलाध्याय नामक चार
पाई
पाई (π) एक गणितीय नियतांक है जिसका संख्यात्मक मान किसी वृत्त की परिधि और उसके व्यास के अनुपात के बराबर होता है। इस अनुपात के लिये π संकेत का प्रयोग सर्वप्रथम सन् १७०६ में आया। इसका मान लगभग 3.14159 के
गणितीय सर्वसमिका
सर्वसमिका ऐसी समता (equality) को कहते हैं जो उसमें निहित सभी चरों के सभी मानों के लिये सत्य हो
बहुभुज
बहुभुज (Polygon) एक समतल सतह पर बनी ज्यामितीय आकृतियों का सामान्य नाम है। बहुभुज कई सरल रेखाओं से बंद होता है। इन सरल रेखाओं को बहुभुज की 'भुजा' कहते हैं। जहां दो भुजाएँ मिलती हैं वह कोण कहलाता है
परिमेय संख्या
यदि किसी वास्तविक संख्या को दो पूर्ण संख्याओं के बटा के रूप में व्यक्त किया जा सकता है तो उसे परिमेय संख्या कहते हैं। अर्थात कोई संख्या , जहाँ p और q दोनों पूर्ण संख्याएं हैं और जहाँ , एक परिमेय संख्या
ज्वार-भाटा
हम सभी जानते हैं कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमते हुए सूर्ये के चक्कर लगाती रहती है। इसी तरह चंद्रमा भी पृथ्वी के चक्कर लगाता है। चंद्रमा जब भी पृथ्वी के निकट आता है तो पृथ्वी को अपने गुरुत्वाकर्षण बल