2021 Top Ten of Polemic for History

गोलमेज सम्मेलन (भारत)
नमक यात्रा के कारण ही अंग्रेजो यह अहसास हुआ था कि अब उनका राज बहुत दिन नहीं टिक सकेगा और उन्हें भारतीयों को भी सत्ता में हिस्सा देना पड़ेगा। इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ब्रिटिश सरकार ने लंदन में
मध्यकालीन भारत
712 AD से
चम्पारण सत्याग्रह
गांधीजी के नेतृत्व में बिहार के चम्पारण जिले में सन् 1917 में एक सत्याग्रह हुआ। इसे चम्पारण सत्याग्रह के नाम से जाना जाता है। गांधीजी के नेतृत्व में भारत में किया गया यह पहला सत्याग्रह था
झेलम का युद्ध
झेलम का युद्ध झेलम नदी के किनारे सिकंदर और पंजाब के राजा पोरस के बीच हुआ था। इस युद्ध में पोरस ने सिकन्दर को पराजित कर दिया, और सिकन्दर को बंदी बना कर महल ले आया और उसे जीवित छोड़ दिया तथा पोरस और सिकंदर
राजा हृदय शाह
हृदय शाह, प्राचीन भारत के वर्तमान मध्य प्रदेश राज्य स्थित पन्ना ज़िला रियासत के प्रथम राजा थे। इन्होंने १७३१ से १७३९ तक शासन किया। ये महाराजा छत्रसाल के ज्येष्ठ पुत्र थे। इन्हें पन्ना रियासत
लॉर्ड डलहौजी
लॉर्ड डलहौजी भारत में ब्रिटिश राज का गवर्नर जनरल था और उसका प्रशासन चलाने का तरीका साम्राज्यवाद से प्रेरित था। उसके काल मे राज्य विस्तार का काम अपने चरम पर था
पन्ना धाय
पन्ना धाय, राणा सांगा के पुत्र राणा उदयसिंह की धाय माँ थीं। पन्ना धाय खींची चौहान राजपूत थी। पन्ना सर्वस्व स्वामी को अर्पण करने के लिये जानी वाली राणा साँगा के पुत्र उदयसिंह को माँ के स्थान पर दूध
साइमन कमीशन
साइमन आयोग सात ब्रिटिश सांसदो का समूह था, जिसका गठन 8 नवम्बर 1927 में भारत में संविधान सुधारों के अध्ययन के लिये किया गया था और इसका मुख्य कार्य ये था कि मानटेंगयु चेम्स्फ़ो्द सुधार कि जॉच करना था।3 फरवरी
मरियम उज़-ज़मानी
मरियम उज़-ज़मानी (नस्तालीक़: مریم الزمانی بیگم صاحبہ‎; जन्म 1542, एक राजवंशी राजकुमारी थी जो मुग़ल बादशाह जलाल उद्दीन मुहम्मद अकबर से शादी के बाद मल्लिका-ऐ-हिन्दुस्तान बनीं। वे जयपुर की आमेर रियासत के राजपूत
नंद वंश
नंदवंश प्राचीन भारत का एक राजवंश था। भारतीय तिथिक्रम और वंशावलीयो के अनुसार नंदवंश का शासनकाल ईपू १६६४ - १५९६ के मध्य में आता है । पुराणों में इसे महापद्मनंद कहा गया है तथा सर्वक्षत्रान्तक आदि उपाधियों