2022 Top Ten of Conflict for Nature

गौर गोविंद राय
गौर गोविन्द राय, उपाध्याय (1841-1912) हिंदू धर्म और ब्रह्म समाज के एक जाने माने पण्डित थे। उन्होंने 40 वर्षों तक ब्रह्म समाज की धर्मतत्त्व नामक पत्रिका का संपादन किया। उन्होंने केशव चन्द्र सेन की सहायता
पक्षी
पंख वाले या उड़ने वाले किसी भी जन्तु को पक्षी कहा जाता है। जीव विज्ञान में एविस् श्रेणी के जन्तुओं को पक्षी कहते हैं। इस अण्डा देने वाले रीढ़धारी प्राणी की लगभग १०,००० प्रजातियाँ इस समय इस धरती पर
ठाकुर दरियाव सिंह
अमर शहीद ठाकुर दरियाव सिंह का जन्म सिंगरौर क्षत्रिय ताल्लुकेदार परिवार तहसील खागा के खागा नगर के गढ़ी जिला फतेपुर के खागा तहसील में हुआ था ।इनका जन्म सन 1800 ई० में हुआ था।इनके पिता का नाम ठाकुर मर्दन
प्रदूषण
प्रदूषण पर्यावरण में दूषक पदार्थों के प्रवेश के कारण प्राकृतिक संतुलन में पैदा होने वाले दोष को कहते हैं। प्रदूषण पर्यावरण को और जीव-जन्तुओं को नुकसान पहुँचाते हैं। प्रदूषण का अर्थ है -'वायु, जल
मोर
मोर या मयूर (Peacock) पक्षियों के पैवोनिनाए उपकुल के अंतर्गत तीन जातियों का सामूहिक नाम है। इनमें से दो - भारतीय उपमहाद्वीप में मिलने वाला भारतीय मोर और दक्षिणपूर्वी एशिया में मिलने वाला हरा मोर
गुरु जम्भेश्वर
गुरू जम्भेश्वर बिश्नोई संप्रदाय के संस्थापक थे। ये जाम्भोजी के नाम से भी जाने जाते है। इन्होंने विक्रमी संवत् 1542 सन 1485 मे बिश्नोई पंथ की स्थापना की। 'हरि' नाम का वाचन किया करते थे। हरि भगवान विष्णु
हस्ताक्षर
हस्ताक्षर या दस्तख़त किसी व्यक्ति का उसके हाथ से लिखा हुआ उसका अपना नाम, उपनाम को कहते हैं। यह किसी दस्तावेज़ या घोषणा आदि पर किया जाता है जो यह दर्शाता है कि यह 'सही व्यक्ति' द्वारा ही प्रसारित है या
कोपेन जलवायु वर्गीकरण
कोपेन जलवायु वर्गीकरण जलवायु आकलन के लिए प्रयोग किया जाने वाला सबसे अधिक प्रयोगनीय मौसम वर्गीकरण है। इसका विकास जर्मन मौसमवेत्ता व्लादिमिर कोपेन ने 1900 में किया था। इसके बाद उन्होंने ही इसमें 1918
गर्भावस्था
मादा के गर्भाशय में भ्रूण के होने को गर्भावस्था कहते हैं। इसके बाद महिला शिशु को जन्म देती है। आम तौर पर यह अवस्था मां बनने वाली महिलाओं में ९ माह तक रहती है, जिसे गर्भवती महिला कहते हैं। कभी कभी संयोग
प्राकृतिक आपदा
प्राकृतिक आपदा एक प्राकृतिक जोखिम का परिणाम है जैसे की ज्वालामुखी विस्फोट, भूकंप जो कि मानव गतिविधियों को प्रभावित करता है। मानव दुर्बलताओं को उचित योजना और आपातकालीन प्रबंधन का अभाव और बढ़ा देता