All Time Top Ten of Polemic for Philosophy

भारत में भ्रष्टाचार
भारत में भ्रष्टाचार चर्चा और आन्दोलनों का एक प्रमुख विषय रहा है। स्वतंत्रता के एक दशक बाद से ही भारत भ्रष्टाचार के दलदल में धंसा नजर आने लगा था और उस समय संसद में इस बात पर बहस भी होती थी। 21 दिसम्बर
समानता
सामाजिक सन्दर्भों में समानता का अर्थ किसी समाज की उस स्थिति से है जिसमें उस समाज के सभी लोग समान अधिकार या प्रतिष्ठा (status) रखते हैं। सामाजिक समानता के लिए 'कानून के सामने समान अधिकार' एक न्यूनतम
द्विदलीय प्रणाली
साँचा:Politics sidebar द्विदलीय प्रणाली एक दल प्रणाली हैं, जहाँ दो प्रमुख राजनीतिक दल सरकार के भीतर, राजनीति को प्रभावित करते हैं। दो दलों में से आम तौर पर एक के पास विधायिका में बहुमत होता हैं और प्रायः
रूढ़िवाद
रूढ़िवाद सामाजिक विज्ञान के अंतर्गत व्यवहृत एक ऐसी विचारधारा है जो पारंपरिक मान्यताओं का अनुकरण तार्किकता या वैज्ञानिकता के स्थान पर केवल आस्था तथा प्रागनुभवों के आधार पर करती है। यह सामाजिक
बुराई की समस्या
(अंग्रेजीः Problem of evil) यह दर्शन की एक प्रसिद्ध समस्या है
आत्मज्ञान
आत्मज्ञान मन के भीतर की जागरूपता है। भारतीय दर्शन में इसका प्रतीक शिव, विष्णु अथवा शक्ति हैं। इसका वर्णन बहुत वेद और उपनिषद में मिलता है
नीतिशास्त्र
नीतिशास्त्र (Nītiśastra) जिसे व्यवहारदर्शन, नीतिदर्शन, नीतिविज्ञान और आचारशास्त्र भी कहते हैं, दर्शन की एक शाखा हैं। यद्यपि आचारशास्त्र की परिभाषा तथा क्षेत्र प्रत्येक युग में मतभेद के विषय रहे हैं, फिर
साहस
साहस का अर्थ कष्ट, खतरा, अनिश्चितता या भय का सामना करने की इच्छा से है। इसे शूरता, वीरता, निडरता, निर्भीकता आदि भी कहते हैं। शूरता, और वीरता मुखयतः युद्ध में साहस और शक्ति के प्रदर्शन से है
द्वंद्वात्मक भौतिकवाद
मार्क्स के दर्शन को द्वंद्वात्मक भौतिकवाद कहा जाता है। मार्क्स के लिए वास्तविकता विचार मात्र नहीं भौतिक सत्य है; विचार स्वयं पदार्थ का विकसित रूप है। उसका भौतिकवाद, विकासवान् है परंतु यह विकास
शान्ति
शांति मधुरता और भाईचारे की अवस्था है, जिसमें बैर अनुपस्थित होता है। इस शब्द का प्रयोग अन्तर्राष्ट्रीय संदर्भ में युद्धविराम या संघर्ष में ठहराव के लिए किया जाता है। इस अर्थ में यह शब्द युद्ध का विलोम